बिहार के लखीसराय अंचल कार्यालय को सैकड़ो से अधिक महिलाओं ने बाढ़ राहत राशि को लेकर किया घेराव नही बात बनी तो उतर गए मुख्य सड़क पर किया घंटो जाम।
लखीसराय अंचल अंतर्गत दस पंचायतो में दर्जनों गांव पिछले कई दिनों से बाढ़ के चपेट में है इस बजह से लोग अपने द्यर छोड़कर उॅची जगह पर स्वंय और मवेशी को लेकर रह रहे है इन पंचायतों में स्वंय जिला अधिकारी मिथिलेश कुमार और प्रशासनिक टीम बाढ़ पीड़ितो को मदत पहॅुचा रहे है सरकार ने निर्घारित दर भी इन पीड़ितो को पहॅुचाने के लिए सात हजार रूपये की अनुदान राशि दे रही है कई ऐसे घर है जहां जनप्रतिनिधि के गलत रवैये के कारण उनकी सूचि तैयार नही किया जिन लोगों की सूचि तैयार हुई वह उनके करीबी और पहचान बाले बताया जा रहा है ।
यही बजह रही कि आज संध्या के बेला से पूर्व साबिकपुर, अमहरा, मोरमा, गढ़विशनपुर, लोदिया, दया टोला, राम टोला, बालुपर और गोविन्दपुर के सैकड़ो से अधिक महिला, पुरूष अंचल कार्यालय सीओ सुप्रिया आंनद से मिलने पहॅुचे लेकिन कार्यालय से बाहर होने की बजह से उनसे मुलाकांत नही हुई। घंटो इंतेजार के बाद मौजुदा ग्रामीण आक्रोश में आ गए फिर देखते देखते लोग लखीसराय के पुरानी बाजार और बालिका विघापीठ होते हुए मंुगेर, पटना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया । इस बात की जानकारी मिलते ही लखीसराय अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार और एडीएम सुंधाशु कुमार तथा लखीसराय थाना अध्यक्ष मौके पर पहॅुचकर लोगों समझाया फिर जाम को छुडाया। जिसके बाद राजस्व अधिकारी रौशन कुमार को प्रतिनियुक्त करते हुए मौखिक तौर पर मौजूदा बाढ़ पीडित परिवारो से आवेदन लेकर सही सूचि तैयार करने आदेश दिया गया। जाम कर रहे मौजूदा बाढ़ पीड़ित परिवार का कहना है कि हमारे द्वारा दिए गऐ आवेदन को कोई कर्मचारी या स्टाफ नही रिसीव कर रहा है और ना ही कोई जन प्रतिनिधि के द्वारा हमारा आवेदन लिया जा रहा है इसके कारण हमलोग एकजुट होकर अंचल कार्यालय पहॅुचकर जानकारी दे रहे है। जानकारी के लिए बता दे लखीसराय अंचल अधिकारी सुप्रिया आंनद से दुरभाष पर बात करने के लिए कई बार मोबाइल पर बात करने के लिए संपर्क किया गया है लेकिन मोबाइल बजता रहा, समाचार लिखने तक उन्होंने अपना मोबाइल नहीं रिसीव किया इससे साफ स्पष्ट होता है कि मौज्ूादा बाढ़ पीडितो उनकी राशि कितनी और किन लोगों तक पहॅुची या फिर इन लोगों अपना योगदान देना नही चाहती यह फिर पुराने रिकोर्ड के अनुसार उनलोगों की सूचि बिहार राज्य सरकार को भेज दिया यही बजह रही होगी कि इतने सारे लोग एकत्रित होकर यह सवाल उठा रहे है। जिसकी बजह से घंटो मुख्य सड़क जाम रहा है। यह जांच का विषय बना हुआ है। वही दुसरी ओर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लखीसराय जिला इकाई सदस्य अधिवक्ता रजनीश कुमार बताया कि वाढ प्रभावित प्रखंडों में बड़हिया, पिपरिया एवं लखीसराय में पीड़ित परिवारों को मिलने वाली राहत अनुदान राशि के वितरण में हो रही व्यापक धांधली एवं अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से मांग की है कि अनुदान वितरण में अंचलाधिकारियों के पक्षपातपूर्ण रवैये पर तत्काल रोक लगाते हुए राहत राशि का वितरण निष्पक्ष ढंग से प्रत्यक्ष निगरानी में कराये जाने तथा आपदा प्रबंधन विभाग एवं संबंधित मंत्रालय को भी पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि राहत अनुदान सूची में कई मृतकों के नाम शामिल किए गए हैं। किसी परिवार के प्रत्येक सदस्य को लाभ दिया गया है जबकि दर्जनों वास्तविक पीड़ित परिवारों को वंचित कर दिया गया। लाभार्थी सूची स्वीकृति में भ्रष्टाचार एवं गोरखधंधे का बोलबाला है एंव सूची राजनीतिक दबाव में स्वीकृत की गई है। यही बजह रही है कि आज आम जनता में गंभीर आक्रोश पैदा कर रही है जो कभी भी विस्फोटक आंदोलन का रूप ले सकती है। इससे पहले राहत अनुदान वितरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।









































