रविवार को जमुई के सर्कीट हाउस में प्रभारी मंत्री रत्नेश सादा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा करते हुए इसे बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और एनडीए सरकार की योजनाओं की सराहना की।
जब मीडिया ने सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में प्रवेश के सवाल पर सवाल किया, तो प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह सब फालतू बातें हैं और यह फैसला जदयू के कमान नीतीश कुमार के हाथ में है, जो भी तय करेंगे, वही हम सभी मानेंगे। मंत्री ने आगे कहा, “नीतीश कुमार के निकट किन्हीं का नहीं चलता है,” यह संकेत देते हुए कि पार्टी की दिशा और निर्णय केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में होंगे।
तेजस्वी यादव द्वारा निशांत के राजनीति में प्रवेश पर की गई टिप्पणी के जवाब में मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि तेजस्वी यादव की अपनी सोच है और वे वही बोलते हैं जो उनके मन में होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जदयू का अपना स्टैंड है और जो भी निर्णय होगा, वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही करेंगे।
मीडिया द्वारा पप्पू यादव के बयान पर सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि पप्पू यादव के बयान का कोई महत्व नहीं है और यह कहना कि वह कब पलट जाएंगे, यह किसी को नहीं पता। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए के सामने कोई नहीं टिक पाएगा।
प्रभारी मंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को भागलपुर पहुंचेंगे और वहां किसानों के हित में कई योजनाओं की घोषणा करेंगे। इस पर जब मीडिया ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के साथ होंगे, तो मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि हां, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह से शामिल होंगे।
राजद नेताओं के आरोपों पर, जो यह कहते हैं कि जिला स्थापना दिवस पर दलित समाज से आने की वजह से मंत्री को नहीं बुलाया गया, प्रभारी मंत्री ने कहा कि उन्हें डीएम द्वारा आमंत्रित किया गया था और इस प्रकार की बातें केवल राजनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजद नेताओं द्वारा महिला डीएम के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां यह दर्शाती हैं कि 2005 से पहले के समय में किस प्रकार का शासन होता था, और यह जंगलराज की याद दिलाती हैं।

































