10 हजार की आबादी बाला क्षेत्र का विकास नही।।
आठवीं और बारवीं के छात्र सात किलोमीटर दुर जाते है पढ़ने।
लखीसराय जिले से दस किलोमीटर दुर रामगढ़ प्रखंड है जो कि दुसरा प्रख्ंाड स्थान माना जाता ह।ै इसके बाद भी रामगढ़ का विकास काफी कोसो दूर है।
चाहे वह सड़क का मामला हो, चिकित्सक क्षेत्र का मामला या फिर गावं के विकास और बिजली का मामला हो हर तरह से यहां कि विकास योजना कटिबद्व तरीके से पिछे है। वही इस गांव में जब जांच पड़ताल की तो यहां की शिक्षा व्यवस्था कुछ ठीक नहीं दिखी है। जबकि बिहार सरकार राज्य में शांति और सद्रभाव के साथ विकास की कई गुणा दावें और वादे करते दिखते है। रामगढ़ गांव के आसपास करीबन दस हजार से अधिक की आबादी है। इसके बाद भी विकास के क्षेत्र में काफी कोसो दुर है। बिहार सरकार शिक्षा को लेकर कई दावें भी करती है पर ऐसा नही है। इस गांव में एक मात्र प्राथमिक उच्च विधालय है जहां कि आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई की व्यवस्था है। इस विधालय में कुल 14 कमरा जहां आठवीं तक की पढ़ाई होती है बाकी अन्य 4 कमरो की बात करे एक में मिडे चावल और जलावन रखते हुए खाना बनाने का काम चलता है । बाकी 3 कमरा खाली है। विधालय में कुल 329 छात्र और छात्रा का नामांकन है। शिक्षक कुल दस है जिसमें 5 महिला, 5 शिक्षिक है। इसके बाद भी आठवीं और नौवी सहित वारवीं क्लास की पढ़ाई के लिए छात्र और छात्रा सात किलोमीटर दुर जाकर दुसरे विघालय जाकर अपनी पढ़ाई करते है । इस बात की खबर जब गामीणों ने लखीसराय के जिला अधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्रा को दी तो दुसरे दिन ही शिक्षा जो जगत को जागने और गांव के विकास को लेकर रामगढ़ गांव पहॅुचे जहां लोगों ने आप बीती कहानी सामने रखी है। जहां यह भी देखा गया है कि लखीसराय में कई सांसद और विधायक आएं और चले गए यहां तक की स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान देने की कोशिश नही कि है। तब गा्रमीणों ने बढ़चढ़ कर अपनी बातो को लखीसराय के जिला अधिकारी से शिकायत करते हुए हर समस्या से रू ब रू कराया हैं। अब देखना होगा कि कबतक रामगढ़ प्रखंड में होनहार बच्चे का भविष्य संभल पाता है या नही। इस बात की जानकारी जब जिला अधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्रा से ली गई तो उन्होंने यह कहां कि कुछ दिन पूर्व ही हमें ग्रमीण और पत्रकारों से गांव के विकास और बच्चो के भविष्य उज्वल को लेकर चिंतित होने की शिकायत की है और इस शिकायत के बाद ही हमें जानकारी मिली है जहां आज रामगढ़ गांव पहॅुचकर स्कूल का जायजा लिया और लोगों से रामगढ़ विकास पर बात की है । स्कूल का औचक निरीक्षण भी किया है तब पता चला कि गांव के कई छात्र और छात्रा सात से आठ किलोमीटर दुर जाकर अपनी पढ़ाई करते है। जहां तक संभवता होगी हमारी ओर से विकास और बच्चे की पढ़ाई पर ध्यान देते हुए जल्द लोगों की शिकायत दूर किया जायेगा।








































