रिपोर्ट – डा आर लाल गुप्ता
लखीसराय जिला अंतर्गत कजरा मदनपुर पंचायत अंतर्गत संचालित प्राथमिक विद्यालय विशनपुर टाली कोडासी में कई बच्चे दहशत के साथ विद्याध्ययन करने को मजबुर है।
जानकारी जानकारी के अनुसार स्कूल परिसर से सटे टाली कोडासी है जो कि बिल्कुल टाली पहाड़ी के गोद में बसा है। जिसमें कुल नामांकित बच्चों की संख्या चालिस है और वे सारे आदिवासी समुदाय के बच्चे हैं। जिनके माता और.पिता मजदुरी करते हैं अथवा मजदूरी नहीं मिलने पर जंगल की सुखी सुखी पड़ी लकड़ियों बेचकर अपना गुजारा करते हैं। इन स्थितियों में इनके बच्चों को बुनियादी शिक्षा को लेकर शिक्षा का अधिकार के तहत विघालय का निर्माण वेशक सरकार का सराहनीय कदम है।मगर यहां के बच्चे दहशत में शिक्षा ग्रहण करते हैं यह जानकर आप भी अचंभित हो जायेंगे। दरअसल यह इलाका बिल्कुल जंगल व पहाड़ से सटा हुआ है।
जहां जंगली जानवरों का आना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। विद्यालय परिसर सम्पुर्ण रुप से खुला है। जिससे कभी कभार बंदरों का आतंक दिख जाता है। बताते चलें कि इस क्षेत्र में अच्छी खासी अरहर की खेती के लिए उपयुक्त भुमि है जहां किसान अपने खेतों में अरहर की खेती इसलिए नहीं करते क्योंकि वानरी सेना फ़सल को खा जाता अथवा नुकसान कर देता। इसी वानरी सेना का भय पहाड़ के समीपवर्ती विद्यालय प्राथमिक विद्यालय विशनपुर टाली कोडासी के बच्चों को सताती है जिसे दुसरे शब्दों में दहशत में यहां के बच्चे पढ़ाई करते हैं कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी। स्कुल में पढ़ाने वाले वरीय शिक्षक काली चरण मंडल व कार्यरत शिक्षक मुरलीधर महतो ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि .भवन का चहारदीवारी निर्माण की मांग व विद्यालय के कच्ची रास्ते को पक्की करण करने को लेकर कजरा शिक्षांचल में आवेदन कई बार दे दी गई है। परन्तु महीनों बीत जाने के बाद विभाग ने संज्ञान नहीं लिया है। जिसके कारण यहां के बच्चे गंदगी को साफ कर विद्यालय पढ़ते है कई बार ऐसा भी हुआ सर्पदश देखा गया है जिसके कारण बच्चे डरे सा रहते है । शिक्षांचल विभाग को जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देते हुए बच्चो के भविष्य बनाने हमें मदत करें इससे दुर दुर तक स्कूल भी नही है यह आदिवासी इलाके मे स्कूल है।








































