लगभग कई सालो से फरार नक्सली रावण कोड़ा ने पुलिस के द्वारा लगातार खोजबीन और परिवारकि कला दंबिश के कारण आत्मसर्मपण किया है बल्कि अपने अन्य साथी को भी कहा कि जल्द आत्मसर्मपण करे ताकि परिवार और समाज के लिए अच्छा काम कर सके।
लखीसराय से इस वक्त की बड़ी खबर, नक्सल मोर्चे पर पुलिस को जबरदस्त सफलता मिली है। तीन लाख के इनामी नक्सली और एरिया कमांडर रावण कोड़ा ने लखीसराय एसपी ऑफिस में आत्मसमर्पण कर दिया है। यह पिछले 15 वर्षों से फरार चल रहा यह नक्सली बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में दर्ज दो दर्जन से ज्यादा संगीन मामलों में वांछित था।
इस संबध में लखीसराय पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि लखीसराय पुलिस को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है। तीन लाख के इनामी नक्सली रावण कोड़ा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।यह पिछले डेढ़ दशक से फरार चल रहा था इस नक्सली ने न केवल कई हत्याओं और अपहरण की घटनाओं को अंजाम दिया, बल्कि वर्ष 2013 में धनबाद.पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस पर हमला कर कई जवानों और यात्रियों की जान भी ली थी।रावण कोड़ा ने जो जानकारी पुलिस को दी है वह संगठन की विचारधारा से अब सहमत नहीं है और पारिवारिक दबाव की वजह से उसने आत्मसमर्पण का रास्ता चुना हैं।एसटीए, लखीसराय पुलिस और एसएसबी की लगातार संयुक्त सर्च ऑपरेशन से दबाव में आकर उसने सरेंडर किया है। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इसे सहायता दी जाएगी। यह आत्मसमर्पण नक्सल गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम है। रावण कोड़ा पर हत्या, रंगदारी, रेलवे ट्रैक उड़ाने और पुलिस पर हमले जैसे 26 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में मुंगेर के अजीमगंज में मुखिया की गला रेतकर हत्या, 2018 में खड़गपुर में झील निर्माण में लगे वाहनों को जलाना और मजदूरों का अपहरण जैसे दर्जनों कांडों में उसकी संलिप्तता रही है।
बाइट पुलिस अधीक्षक अजय कुमार।





































