वरिष्ठ लिपिक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे
लखीसराय। बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ की स्थानीय इकाई के आह्वान पर लखीसराय जिला समाहरणालय के सामने वरिष्ठ लिपिक कर्मी शनिवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। यह धरना मोटरसाइकिल छावनी के पास संघ के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है।
संघ की ओर से बताया गया कि इससे पहले, 8 जून को पटना के पुनाईचक में कर्मियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर राज्य सरकार के “गलत रवैये” के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया था। इसी मांग के समर्थन में शुक्रवार की देर शाम लखीसराय में समाहरणालय से लेकर शहीद द्वार तक मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद जिला अधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्र को ज्ञापन सौंपकर मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाने की अपील की गई।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे से पूरे बिहार में संघ के आह्वान पर यह धरना शुरू हुआ।
इ संघ के जिला अध्यक्ष सतीश कुमार सिंह ने बताया कि बिहार के लिपिकीय संवर्ग की मुख्य समस्याओं को लेकर राज्य सरकार के समक्ष 10 सूत्री मांगें रखी गई हैं। इनमें निम्नवर्गीय लिपिक सह सहायक का वेतनमान 60% बढ़ाने, उच्चवर्गीय लिपिक का 25%, प्रधान लिपिक का 10% और सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी का 5% ग्रेड पे आरक्षित करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा, दशकों पूर्व स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि व नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने, कार्यरत कर्मियों के लिए निःशुल्क आवास, आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और 25 लाख रुपये का बीमा, लंबित बोनस भुगतान, दुर्घटना बीमा, समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग को नीति/पत्र के दायरे से बाहर रखने, गृह जिले से बाहर स्थानांतरण न करने और संघ के चुनाव कराने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुईं तो चरणबद्ध तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा। धरने में शंभु कुमार, शमशेर आलम, मनोज कुमार, प्रमोद दास, संजय कुमार, रविशंकर कुमार, अवधेश कुमार, कुणाल कुमार, रिर्सव कुमार, गुंजन कुमार, रमेश कुमार सहित कई महिला कर्मी मौजूद थीं





































