बिहार के लखीसराय में आज सुवह एक महिला की मौत नर्सिग होम में हुई है जहां परिजनों ने जमकर नर्सिग होम हंगामा किया है। बताया जा रहा है जिस नर्सिग होम में महिला की मौत हुई है उस नर्सिग होम का नाम के.डी. इमरजेंसी हॉस्पीटल है जो कि सिंकन्दरा मुख्य सड़क मार्ग एस.पी आवास से थोड़ी दुर स्थित है। इस संबध में विशेष जानकारी देते हुए मृतक काजल कुमारी पति कमलेश कुमार पिता शरण पासवान के पौते सोनू कुमार गा्रम जानकी जमूई ने बताया कि पिछले 28 तारीख से हमारी भाभी को के.डी इमरजेंसी हॉस्पीटल में भर्ती कराया था जो कि गर्भवती थी

इनको दो-तीन दिन से पेशाब के रास्ते काफी पानी चल रहा तो कि नही रूक रहा था जिसका इलाज के नाम पर हॉस्पीटल के चिकित्सक ने कुल 70 हजार रूपये लेकर भर्ती किया लेकिन पानी रूकने का नाम नही ले रहा था। स्थिति गंभीर होने के बाद पेट का सर्जिकल ऑपरेशन किया गया और बच्चे को बाहर निकाला इस दरम्यान काजल की हालात और खराब होने के बाद बेगूसराय रेफर किया गया है लेकिन रास्ते में मौत हो गई अगर समय रहते हुए बेहतर इलाज सही से चिकित्सक किया होता तो ऐसी नौवत नही होती यह मौजूदा चिकित्सक के लापरवाही से घटना घटित हुई।
जबकि घटना की जानकारी मिलते ही कबैया थाना के अध्यक्ष अमित कुमार अपने दल बल के साथ मौके पर पहॅुचकर मामले की जानकारी ली और लोगों को शांत कराया है। वही हंगामा देख मौजूदा चिकित्सक निरंजन कुमार अपने नर्सिग होम से फरार दिखे इस संबध में जब जानकारी लेना चाहा तो मोबाइल दुरभाष से मौज्ूादा कर्मी विकास कुमार ने बात कराया जानकारी के मुताबिक जिस डॉक्टर से बात कराया गया है उन्होने बताया कि महिला की स्थिति काफी कमजोर था सर्जिकल ऑपरेशन किया गया है । लेकिन विशेष जानकारी को लेकर उनसे मिलने की बात हुई तो मिलाने से मौजूदा कर्मी विकास साफ इंकार किया है। इससे साफ स्पष्ट होता है कि चिकित्सक कितने लापरवाह है यह फिर संचालक की लापरवाही यह फिर झोला छाप डॉक्टर से इलाज कराते हुए गर्भवती महिला का इलाज हुआ होगा। यह जांच के बाद ही पता चल पायेगा। फिलहाल परिजनो के द्वारा घटित घटना के एवज में हॉस्पीटल संचालक विकास कुमार से 90 हजार रूपये मे मामले का सेटलमेंट किया गया फिर मामला शांत हुआ। हालांकि इस घटना को लेकर थाना अध्यक्ष कबैया आवेदन पर कार्यवाई की बात कही। जबकि नर्सिग होम का रजिस्ट्रेशन के सवाल पर विशेष जानकारी देते हुए लखीसराय के शिविल सर्जन विनोद कुमार सिंहा ने बताया कि लखीसराय में तीन चार नर्सिग होम छोड़कर किसी का भी रजिस्ट्रेशन नही है बाकी सब ऐसे अपना नर्सिग होम चला रहा है साथ ही यह भी बताया कि बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग से तीन महिना पूर्व गाईड लाइन जारी किया है जो कि नर्सिग होम में चालीस वार्ड का वेड वैसे नर्सिग होम पर जांच नही किया जायेगा। यह पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम 2010 की धारा 54 में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य सरकार बिहार नैदानिक स्थापन नियमावली 2013 में संशोधन करते हुए नियम को बदल दिया गया है। इसको लेकर अलग से जांच कमिटि बनाया गया है शिकायत मिलने पर कार्यवाई निश्चित होगा।





































