लखीसराय ज़िला की स्थापना 3 जुलाई 1994 ई को बिहार राज्य में एक जिला स्थापित किया गया था। इससे पूर्व लखीसराय जिला मुंगेर जिले में एक प्रखंड था। ज़िला अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए काफी प्रसिद्ध जगह माना जाता है यहां की धरती भौगोलिक दृष्टि से औन वर्तमान परिस्थितियों में कई मानों में प्रमुख स्थल हैं ।

ज्ञात हो कि लखीसराय ज़िले की स्थापना 1994 में हुई थी जब यह मुँगेर ज़िले से अलग होकर एक नए ज़िले का दर्जा प्राप्त हुई थी । यह ज़िला भूमि और जलवायु के लिए उच्चतम रूप से उपयुक्त है और यहां की आबादी मुख्यतः गाँवों में बसी हुई है।
यह जिला मुख्य रूप से कृर्षि तंत्र पर निर्भर करता है। इस जिले में किसानों की उपज मुख्य रूप से धान, गेहूँ, मक्का, और तिल की खेती करती है। यहां की जलवायु और भूमि कृषि के लिए उपयुक्त हैं और इसे एक सुखद और पैदावार ज़िला माना जाता है।
लखीसराय की चारो दिशाएं में फैले धरोहर की बात करे तो लाल पहाड़ी और काली पहाड़ी राजापाल वंश की नगरी मानी गई है जबकि जिला समाहरणालय से छः किलोमीटर अशोक धाम, नये बने जिला संग्रहालय, जिला से साल किलोमीटर की दुरी पर बरारी किला, अक्षयवट मंदिर, और सुर्यगढ़ा इन स्थलों का दौरा करके आप ज़िले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को समझ सकते हैं और इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी देख सकते हैं।जहां कि अशोकधाम मंदिर, माँ बाला त्रिपुर सुंदरी, महारानी स्थान, बड़हिया तथा विषहरी महारानी स्थान अभयपुर, चानन श्रृर्गि श्रर्षि, जलप्पा स्थान और कई प्राचीन ऐतिहासिक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।
आज लखीसराय की आबादी दस लाख के करीब है । इस जिला में अपना कई विभाग की अपनी भवन बनी हुई है। आज लखीसराय के जिला अधिकारी मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में पुरा जिला वासी 38 वॉ स्थापना दिवस मना रहा है आज के दिन आर लाल कॉलेज के प्रांगन से स्कूली छात्र और छात्रा, जिला प्रशासन, राजनीतिक दल एवं मिडिया के कई बंधु के द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई है। जबकि करीबन दस बजे जिला के जिला अधिकारी के नेतृत्व में पौधा रोपण और जिला के आर के मैदान स्थित नगर भवन में सुवह के जिला में वर्षगांठ के रूप में प्रभात फेरी
नगर भवन लखीसराय में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कार्यक्रम का उद्घाटन लखीसराय के विधायक सह बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिंहा मुख्य अतिथि के रूप में जबकि कार्यक्रम के नेतृत्व करते हुए जिलाधिकारी मिथलेश मिश्रा और अतिथि के रूप में आए हुए सूर्यगढ़ा विधायक श्री प्रहलाद यादव, भाजपा जिला सूत्री उपाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह, जदयू नेता रामानंद मंडल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बुद्धिजीवी एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक स्टॉल्स लगाए गए जिनका उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ने किया।
उन्होंने आम जनता से सीधा संवाद कर सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की और सुझावों को भी गंभीरता से सुना। स्थानीय बच्चों और युवाओं द्वारा दोपहर को आयोजित पेंटिंग, निबंध, मेहंदी, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लखीसराय की समृद्ध सांस्कृतिक और रचनात्मक विरासत को जीवंत कर दिया। उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 3 जुलाई 1994 को लखीसराय को जिला का दर्जा मिला था और तब से यह जिला लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा लखीसराय की मिट्टी में हुनर, आस्था और विकास की असीम संभावना है। यह जिला अब शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह जिला हमारे स्वाभिमान, परंपरा और संघर्ष की गाथा है। नाम में ही लक्ष्मी है और आत्मा में तपस्या। यह महज नक्शे की रेखा नहीं बल्कि हमारी सनातन परंपरा, संघर्ष और स्वाभिमान की धड़कन है। उन्होंने आगे बताया कि हर गांव तक सड़क, बिजली और इंटरनेट की सुविधा पहुंच चुकी है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, छात्रवृत्ति और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सदर अस्पताल वच्चो को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। किसानों को बीज, सिंचाई, सौर पंप और सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कंप्यूटर प्रशिक्षण और स्टार्टअप सहायता की सुविधा तथा धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़कर सांस्कृतिक पुनर्जागरण को गति दी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय वासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इसे स्वाभिमान, संस्कृति और संकल्प का पर्व बताया।





































