लखीसराय जिले के दामोदर पुर गांव स्थित माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में शनिवार को दुर्गा पूजा के अवसर पर विद्यालय के छुटियो की अंतिम दिन भव्य सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा की महिमा उनके स्वरूपों तथा दुर्गा पूजा के महत्व को प्रस्तुतियों के साथ भाषणों और नृत्य के माध्यम से बड़े ही आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती वंदना के साथ किया गया । कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों का परिचय कराते हुए यह संदेश दिया कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पूरे कार्यक्रम का संचालन कुमार सृजन और अंशिका ने प्रभावशाली के द्वारा किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाट्य मंचन में माँ दुर्गा शेर और महिषासुर की भूमिका को सजीव रूप में दिखे। इसमें भाग लेने वाले छात्र.छात्राएँ में समृद्धि अग्रिहोत्री का श्रीवास्तव, आँचल कुमारी, संस्कृति आर्या, रज्नंदनी वर्मा, श्रीशु शान्वी, आकृति भारती, निष्ठा सिंह, अनामिका कुमारी, कुमारी सुमन, राजदीप एवं सुषांत थे। उनकी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और धार्मिक आस्था से भर दिया। कार्यक्रम में अदिति कुमारी, राखी कुमारी, अंकित कुमार एवं राज स्नेही ने अपने प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से दुर्गा पूजा के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि माँ दुर्गा स्त्री शक्ति, साहस और नैतिक मूल्यों का प्रतीक हैं।कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक डांडिया नृत्य भी प्रस्तुत किया। जिसमें छात्र.छात्राओं और शिक्षकों ने भी सहभागिता दी। पूरे वातावरण में उल्लास भक्तिमय और एकता का संदेश गूँज उठा।
विद्यालय के अध्यक्ष संजीव स्नेही ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दुर्गा पूजा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने तथा सत्य और धर्म का पालन करने की प्रेरणा देता है। अपने संबोधन में उन्होंने घोषणा की कि विद्यालय का आधा वार्षिक परिणाम सोमवार को घोषित किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों के साथ विद्यालय आकर परिणाम प्राप्त करने का अनुरोध किया और सभी को अच्छे अंकों की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकगण भी उपस्थित रहे और अपनी सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम को सफल बनाया। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों के बीच धार्मिकए सांस्कृतिक और शैक्षिक मूल्यों का संदेश पहुँचाया और उत्सव को यादगार बना दिया।









































