डा आर लाल गुप्ता
लखीसराय (कजरा)
बिहार के लखीसराय कजरा, लक्ष्मीपुर, चानन और विभिन्न खेत खतियान बरसात के पानी मे डुबा पड़ा।
लखीसराय जिले के कजरा इलाका में लगातार तीन दिनों से हो रही वारिस और पहाड़ियों से निकले बरसात की पानी से आज कजरा के दर्जनों गांव पानी के चपेट में आ गया है यही नहीं करीबन तीन घंटे से अधिक रेल परिचालन भी बाधित रहा है। जानकारी के लिए बता दूुं कि विगत बर्ष 2017 में 11 अक्टूबर माह में ऐसी ही बारिश की पानी आई थी और रेलवे ट्रैक पर पानी चढ़ जाने से करीब दो तीन घंटे से अधिक रेलवे परिचालन बाधित रही थी। फिर एक बार ऐसी क्रुरता देखने को मिली। गौरतलब है कि समय रहते रेलवे प्रशासन की चौकसी रहती तो इन नौ वर्षों में इस घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती। जानकारी हो कि कजरा रेलवे ट्रैक के अलावे आस.पास के गांवों विशेषकर नरोत्तमपुर, बिक्रमपुर, सहमालपुर एवं महसोनी गांव में भी अनेकों घर में बारिश का पानी घुस आया जिस जल जीवन पर पुरा असर हुआ है। इतना ही नहीं कजरा बाजार के कई दुकानों में भी बरसात का पानी घुस आने से कई दुकानदारों जैसे किराना साम्रागी, खाद, पुस्तकें इत्यादि पानी में घंटों डुबे रहने से बर्बाद हो गया। जिससे दुकानदारों को लाखों रुपए का नुक़सान हुआ।
ज्ञात हो कि खैरा गांव स्थित रेलवे फाटक संख्या एल सी गेट 27 एवं कजरा बाजार स्थित सुर्यगढा .कजरा सड़क में स्थित एल सी गेट संख्या 28 के बीच करीब आधा दर्जन पुलिया है जिससे बरसात में कजरा पहाड़ी से उतरकर जल धाराएं इन्हीं पुलों से निकलती थी।समयोपरांत यह पुलों का मार्ग अतिक्रमण का शिकार हो गया जगह जगह पर नदी में लोगों के द्वारा कुडेदान बना दिया गया।
वहीं कुडेदान बने नदियों की आधा अधुरा खुदाई की गई थी परन्तु अतिक्रमण हो गई नदी मार्ग को मुक्त आज तक नहीं की गई है। जिसका नतीजा 27 एल सी रेलवे गेट तथा 28 एल सी रेलवे फाटक के बीच स्थित नदी बुरी तरह अतिक्रमण का भेंट चढ़ चुकी है। कुंडे .कचरे से लबालब भरा पड़ा है। ऐसे में ससमय उक्त नदीयों की सफाई नहीं हो सकीं और नतीजतन इस बरसात में कजरा क्षेत्र के कई गांव के नीचले क्षेत्र में बरसात का पानी आया और दुकानदारों को लाखों की क्षति हुई। जबकि बिहार सरकार के द्वारा कई जगहों पर अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए बुलडोजर चलाएं गए लेकिन मानसुन से पहले नदियों और जमे कचरे को नहीं उठाने की बजह से ऐसी स्थिति आज उत्पन्न हो गई।






































