लखीसराय कजरा बिहार झारखंड के बीच भाईचारे का प्रतीक है श्रावणी मेला उक्त बातें एक महत्ती मुलाकात में कजरा के चिकित्सक डा आर लाल गुप्ता ने बताया। उन्होंने कहा कि बिहार के सुल्तान गंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा में स्नानादि कर कांवरिया भाई बहन पवित्र भाव से गंगा जल भरकर झारखंड के बाबाधाम यानी देवघर को रवाना होते हैं जो बिहार झारखंड के बीच भाईचारा का पुल निर्माण करता है। जबकि देवघर होने के चलते बिहार के लोग अधिसंख्यक पहुंचते हैं और बाजार में बिहार के उपभोक्ताओं की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होती है दुसरी ओर सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रावण माह में आसान सफ़र को लेकर रेलवे भी भरपुर ईंतेजमात किया है। रेलवे ने श्रावणी मेला के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तीन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें जुलाई के अंत से अगस्त के अंत तक चलाई जाएंगी।
पहली ट्रेन: गाड़ी संख्या 05597/05598 जयनगर-आसनसोल-जयनगर श्रावणी मेला स्पेशल मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, किउल, झाझा और जसीडीह होते हुए चलेगी। यह ट्रेन 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक सप्ताह में तीन दिन (मंगलवार, शुक्रवार और रविवार) जयनगर से रात 9 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 11.30 बजे आसनसोल पहुंचेगी। वापसी में आसनसोल से दोपहर 1 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 6 बजे जयनगर पहुंचेगी।
दूसरी ट्रेन: गाड़ी संख्या 05545/05546 रक्सौल-देवघर-रक्सौल श्रावणी मेला स्पेशल सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी, किउल, जमालपुर और भागलपुर होते हुए चलेगी। यह ट्रेन 31 जुलाई से 30 अगस्त तक सप्ताह में तीन दिन (रविवार, मंगलवार और शुक्रवार) रक्सौल से रात 12.30 बजे रवाना होकर उसी दिन शाम 5.05 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से शाम 6.05 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 11.40 बजे रक्सौल पहुंचेगी।
तीसरी ट्रेन: गाड़ी संख्या 05573/05574 राघोपुर-देवघर-राघोपुर श्रावणी मेला स्पेशल सुपौल, सहरसा, मानसी, खगड़िया, मुंगेर, सुलतानगंज और भागलपुर होते हुए प्रतिदिन चलेगी। यह ट्रेन 28 जुलाई से 31 अगस्त तक राघोपुर से सुबह 2.50 बजे रवाना होकर दोपहर 11.20 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से दोपहर 11.35 बजे खुलकर रात 10.50 बजे राघोपुर पहुंचेगी।






































