लखीसराय /कजरा
डॉ. आर लाल गुप्ता
अंग्रेजी में एक कहावत है प्रीवेंशन इस बेटर दैन ट्रीटमेंट यानी इलाज से बेहतर बचाव।
प्राकृतिक चिकित्सा योग अथवा एक्यूप्रेशर उपरोक्त सिद्धांत के आसपास घूमते हैं और लोगों को गंभीर बीमारी से बचाव का उपाय बताते हैं।
इसी कड़ी से जुड़ी हुई बात निकल कर आई है डॉ मुकेश एक्यूप्रेशर योग एव आयुर्वेदाचार्य से भेंट वार्ता में।
भेंट वार्ता के दौरान उन्होंने जो बातें बताई वह वास्तव में एलोपैथिक विज्ञान के परे जैसा लगता है।
एलोपैथ में खून बगैरह की जांच के साथ विभिन्न प्रकार के जांचोंप्रांत शरीर के बीमारी का पता लगाया जाता है परंतु योग आयुर्वेद एक्यूप्रेशर के चिकित्सक पुराने बैद्य की तरह नाड़ी का स्पंदन देखकर बीमारी का जायजा ले लिया करते थे।जो आपने राजा महाराजा के काल में भी इतिहास के पन्नों की कहानी में पढ़े होंगे।
कहते हैं इतिहास दोहराया जाता है।
बिल्कुल सच प्रतीत होता है। कजरा निवासी डॉ मुकेश ने भी इसी बात को ताक़ीद करते हुए उक्त विद्याओं से जुड़कर अपना भविष्य तलाशते हुए रेलवे से सेवानिवृत होने के बाद मानव सेवा की मिशाल स्थापित करने के लिए मुखर हैं।
यह भी सत्य है कि विद्या धन ही ऐसा धन है जो बांटने से दिनों दिन दिन दूना,रात चौगना बढ़ते रहती है।
इन्होंने एक कॉलेज खोलकर इच्छुक विद्यार्थियों को उक्त विद्या में माहिर करने में जुटे हैं और उनके शिष्य सामाजिक सेवा एवं रोजगार परक विद्या को हासिल करने के लिए इनका क्लास सुनते हैं जो जमालपुर में है।
इस वीडियो में गांठ का इतना सरल इलाज इन्होंने बताया जो काबिले तारीफ है आप वीडियो देखकर निश्चित रूप से धन्यवाद ज्ञापन करने को आतुर हो जाएंगे।
Breaking News
आज का ब्रेस्ट गांठ कल के कैंसर का आमंत्रण डॉ मुकेश
Related news





































