लखीसराय में परसो ईद उल फितर पर्व को रोजा कल लोग खोलेगे इससे पूर्व लखीसराय के जिला अधिकारी मिथिलेश मिश्र और पुलिस पदाधिकारी अजय कुमार को ईद की बधाई देते हुए गुलस्ता और चादर भेंट कि । जानकारी के मुताबिक जिला वक्फ बोर्ड व उर्दू एक्शन कमिटि की ओर से तथा समस्त लखीसराय जिले के मुस्लिम समुदाय की तरफ से ईद की मुबारक बाद दी गई और ईदी तोहफा भेंट किया गया! जिला वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सरफराज आलम के नेतृत्व में जिला वक्फ बोर्ड के सदस्यों का शुक्रिया अदा किया और लखीसराय जिले के सभी मुस्लिम समुदाय के भाइयों.बहनों को ईद की मुबारकबाद दी और कहा कि ईद आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द के रूप में मनाया जाने वाला त्योहार है! सभी लोगों को चाहिए कि मिलजुलकर खुशी पूर्वक ईद का त्योहार मना कर सामाजिक ताने.बाने को मजबूत करें, यही हमारे देश की सभ्यता और संस्कृति भी कहती है!
मौके पर देश के मशहूर स्कॉलर सैय्यद मो0 इसराफिल छोटी दरगाह, मस्जिद के इमाम हाफ़िज अजहर हुसैन, फैयाज रहमानी , मो इम्तियाज अंसारी, मो इनाम, मोतारिक अनवर, खुर्शीद आलम आदि सहित दर्जनों लोग मौजूद थे! आपको बता दे कि यह पर्व इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार साल 610 के नौवें महीने में मोहम्मद साहब को लेयलत उल.कद्र के मौके पर पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था ऐसे में नौवें महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह के नाम का रोजा रखते हैं। ईद उल. फितर इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है इस पर्व को इस्लाम धर्म में रमजान के पाक महीने के बाद मनाया जाता है और मीठी ईद या रमजाम ईद भी लोग कहते है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार नौवें महीने में अल्लाह के नाम के लोग रोजे रखे है यह रोजा मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह सूर्योदय से पहले सहरी के समय खाना खाते हैं इसके बाद पूरे दिन उपवास रखते हुए एक बुंद पानी तक नही पीते शाम में जब सूर्यास्त हो जाता है तब ईफ्तारी में कुछ खाकर रोजा खोला जाता है इस तरह 29 या 30 रोजा रखे जाते हैं वहीं आखिरी रोजे की ईफ्तारी के बाद चांद का दीदार कर ईद उल.फितर का पर्व मनाया जाता है।






































