लखीसराय (कजरा)
डॉ आर लाल गुप्ता
लखीसराय से एक बड़ी मांग उठ कर सामने आई है। जहां यहां की जनता सरकार से मांग करने का अधिकार मांग रही है। ऐसे में अगर जनता की बाज़िब मांग की पूर्ति नहीं होती तो मजबूर न्यायालय का शरण लेने को को लेकर कजरा की जनता और अधिवक्ता मो अकबर अली एक नया कदम उठाने जा रही है।जानकारी के मुताबिक कजरा अरमा निवासी मो अकबर अली ने बताया कि कि लखीसराय जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनाने में सरकार इस ओर काफी अनदेखी कर रही है किसी अन्य स्थान पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया तो वे जनहित में उच्च न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है तथा कजरा स्थित जलवा पहाड़ी के समीप करीब 100 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध होने की बात कही है जिससे भूमि अधिग्रहण पर सरकारी धन खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कजरा क्षेत्र आधारभूत सुविधाओं और कनेक्टिविटी के लिहाज से मेडिकल कॉलेज के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।
यहां पहले से सोलर पावर प्लांट स्थापित है तथा रेल और सड़क दोनों मार्गों की उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध है। कजरा रेलवे स्टेशन जमालपुर.किऊल रेलखंड पर स्थित है जिससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।अधिवक्ता मोहम्मद अकबर अली ने यह भी कहा कि सूर्यगढ़ा प्रखंड में जिले की लगभग आधी आबादी निवास करती है, लेकिन दुर्भाग्यवश यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त कोई बड़ी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना इस क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए अक्सर बाहर जाना पड़ता है जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित मोकामा.मुंगेर सिक्स लेन सड़क लखीसराय सदर अस्पताल से लगभग एक किलोमीटर तथा कजरा के जलवा पहाड़ी क्षेत्र से करीब 500 मीटर की दूरी से होकर गुजरेगी। ऐसी स्थिति में सदर अस्पताल या जिले के अन्य हिस्सों से मरीजों को मात्र 15 से 20 मिनट में मेडिकल कॉलेज अस्पताल तक पहुंचाया जा सकेगा। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए यह स्थान अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी कजरा को बेहतर बताते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अपेक्षाकृत प्रदूषणमुक्त है तथा शांत वातावरण होने के कारण चिकित्सा और शैक्षणिक संस्थान के लिए अनुकूल माना जा सकता है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण हैए क्योंकि यहां एसएसबी की उपस्थिति होने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहती है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद निजी जमीन का अधिग्रहण कर मेडिकल कॉलेज स्थापित करना सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होगा। सरकार को जनहित और आर्थिक दृष्टि से कजरा के विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। क्षेत्रीय विकास में असंतुलन का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिले के अन्य क्षेत्रों को कई महत्वपूर्ण संस्थानों की सौगात मिली है। हलसी को इंजीनियरिंग कॉलेजए बड़हिया को नवोदय विद्यालयए लखीसराय को पॉलिटेक्निक कॉलेजए केंद्रीय विद्यालय एवं शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजए चानन को कृत्रिम गर्भाधान केंद्र तथा पिपरिया को स्नातक स्तरीय महाविद्यालय मिला है। इसके बावजूद सूर्यगढ़ा प्रखंड आज भी अपेक्षित विकास से वंचित है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जनसंख्या उपलब्ध भूमिए बेहतर कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए कजरा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना के सारी अहर्ता पूरी करता है। इसलिए कजरा में मेडिकल कॉलेज व अस्पताल का निर्माण कराया ही जाना चाहिए।
ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।






































