भारत का सबसे बड़ा सौर उर्जा प्लांट कजरा मे बनकर तैयार है जिसकी लागत बजट 1500 करोड़ है देश का पहला प्लांट है जहां हर गांव शहर तक नवंबर माह तक बिजली पहॅुचेगी ।
लखीसराय जिले से 25 किलोमीटर दुर रहे नक्सल प्रभावित इलाका कजरा स्थित टाली कोड़ासी गांव में देश का सबसे बड़ा उर्जा संयंत्र है जो कि सौर उर्जा उत्पाद के साथ साथ बेट्री सोलर उर्जा प्लांट बनकर तैयार है यह प्लांट कुल 1231 एंकड भुमि अनुगृहित किया गया है जिसकी तैयारी बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड और एजेंसी लार्सन एंड टुबों के अधिकारियों के द्वारा काफी मेहनत के बाद कुल 1500 करोड़ की लागत से कुल 4 लाख 32 हजार सोलर प्लेट लगाया गया है। जिसमें 254 मैगावट आवर बैट्ररी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी लगाया गया है। जो कि 24 घंटा बिजली उत्पादन करेगी। यह सुविधा आने वाले नवंबर माह तक सर्वप्रथम लखीसराय दुसरे फेज में खड़गपुर को मिलेगी। जो कि आसपास में लोगों तक बिजली पहॅुचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उम्मी जताया जा रहा है कि यह प्लांट आने वाले 20 नवंबर से पूर्व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा लखीसराय आगमन पर होगी। कई मंत्रियों को शामिल करने की उम्मीद है।
1. आर्थिक विकास में यह परियोजना बिहार के विकास में अहम्र भुमिका निभायी जायेगी। जो कि जल जीवन हरियाली अभियान में अनुरूप पर्यावरण सरंक्षण में भी महत्वपूर्ण भुमिका निभाएगा।
2. यह प्लांट में सौर उर्जा को रात्रि से पहले चांर्ज कर स्टोर कर आपुर्ति को हर संभवता पुरा करने की तैयारी।
3. वर्तमान में अभी इस सौर उर्जा प्लांट में कुल 1000 इंजिनियर और मजुदर कार्यरत है आने वाले समय में जब यह चालू होगा तो इसमे कर्मियों की और कर्मी होगी जिसे एक स्वरूप देते हुए बेरोजगारों को रोजगार महैुया कराने में भी मदद की आस रहेगी।

…..कजरा ग्रामीण डॉ आर. लाल. गुप्ता का कहना है कि जो सूचना हमलोगों को मिली यह जानकारी हुई है उसमें आसपास में सर्वप्रथम लखीसराय जिला वासियों को बिजली का फायदा मिलेगा हमें यह खुर्शी हो रही है कि भारत सरकार ने पहले एन.टी.पी.सी के लिए जमीन अधिग्रहन किया था लेकिन जब से इसे सौर उर्जा उत्पादन में बदलाव किया गया है उससे लोगों के बीच काफी खुशी का माहौल बना है क्यों कि एनटीपीसी बनता तो इससे काफी पदुषण होता लोग कोयला और नाना प्रकार कीटनाशक पदुषण फैलता उससे शुद्व वातावरण काफी होता अब सौर उर्जा पावार स्टेशन से मुक्त पदुषण होगा और स्वच्छ वातावरण और लोग पहाड़ी बादियों का आंनद लेगें लोगों को सुविधा मिलेगी इससे काफी खुशी का माहौल है।
…. बिहार स्टेट जेनरेशन कंपनी लिमिटेड कजरा तैनात कनिय अभियंता गौरव कुमार का कहना है। नवंबर माह तक फुल फ्लेस उत्पाद को लेकर तैयार है। सभी प्रतिक्रिया पुर्ण तैयार है । मेरा पहले जो एलएनवन में टाइम था वह दिसम्बर महिना था लेकिन कार्य पूर्ण पहले हुआ है तो हमलोगों के द्वारा इसी नवंबर तक बिजली उत्पाद लोगों तक सौप देगें । इस प्लांट का शिलान्यास उद्रघाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा होना है जिसका इंतजार है। अभी हमलोग 50 प्रतिशत पावार उर्जा देने के लिए तैयार है जिसमें सर्वप्रथम हमलोग दो पावार स्टेशन को देने का लक्ष्य है जिसमें मुगेंर जिला के हवेली खड़कपुर बिजली पावर और दुसरा महिसोना लखीसराय पावर ग्रिड को बिजली देगें। इन जगहों से ग्रीड पी.एच.एस पावार स्टेशन को दिया जायेगा उनपर निर्भर करता है। अभी इस पावर पलांट पर कुल 800 से अधिक स्टाफपर काम कर रही है जिसका अपनी जितनी दक्षता नौलेज है उस हिसाब से काम मिला है कोई टैन्ीशियन, गार्ड मजदुर है जो काम कर रहे और की जरूरत होगी। इससे क्षेत्रों में रोजगार का अवसर बढ़ा है। अभी इस प्लांट में कुल फर्स्ट फेज में 185 मेगावट दूसरे फेज में 251 है जिसमें कुल 4 लाख 32 हजार सोलर प्लेट स्टोर किया गया है । दुसरा फेज में 251 में भी इसी प्रकार होगा जो इशु हुआ है उस पर काम किया जा रहा है समय पर हमलोग कर लेगें बरसात में हमलोगों को दिक्कत हुई बरसात भी जरूरी था तीन चार महीना में बरसात के कारण दिक्कत हुई टोटल 1231 एकंड भुमि में पुरा प्लांट लगा है।
.एल.एन.डी प्रोजेक्ट मैनेजर अनिर वर्ण का कहना है कि आज का जो मोस्ट प्रोजिशन है वह दिसम्बर में चालू करना था लेकिन सिडुल के हिसाव से नंवबर तक फुली करने का लक्ष्य था लेकिन वर्तमान सितम्बर को 50 प्रतिशत उर्जा मेगावट के लिए देने को तैयार है नवंबर में 185 मैगावट उत्पादन होगा। आने वाले समय में बिहार और इंडिया को दे सकते है महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बैट्ररी का सिस्टम है जो दिन में अपने ग्रीड से सप्लाय दे सकते है लेकिन पर्याप्त बिजली रात्रि के लिए पावर ग्रिड से ही मिलेगी उन बिजली से दिन में ही बैट्ररी को चार्ज कर लेगें तब रात्रि को यानि दुसरे फेज में सौर उर्जा का लाभ लोगों तक मिलेगा।









































